Thursday, 18 April 2019

ध्यान गुरु अर्चना दीदी द्वारा महारास साधना शिविर दिल्ली में 19 से 21 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है।

18 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ध्यान गुरु अर्चना दीदी के दिव्य सान्निध्य में, NDMC कम्युनिटी सेन्टर, बंगाली मार्किट, दिल्ली में 19 से 21 अप्रैल 2019 तक महारास साधना शिविर आयोजित किया जा रहा है।

आज के सत्र में दीदी ने साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि महारास का वास्तविक अर्थ आत्मा व परमात्मा के मिलन से उपजा आनंद नृत्य है। आत्मा रूपी गोपी जब परमात्मा रूपी कृष्ण का अनंत प्रेम पाकर आह्लादित हो उठती है तो उस आनंद का प्रकटीकारण ही महारास है।

दीदी ने उपस्थित साधकों को बताया कि यह दुर्लभ अनुभूति है। तथा इस शिविर में साधको को जो अनुभूति होने वाली है वह अद्भुत होगी। दीदी ने कहा कि जो शब्दों में कहा जा सकता था वह सब उन्होंने आज कहा किन्तु शिविर के आगामी दिनों में 19 से 21 अप्रैल साधकों को वह प्राप्त होगा जो शब्दों से परे है। इस आनंद यात्रा में सम्मिलित होने के लिए आप सभी सादर सहपरिवार आमंत्रित हैं।

*"महारास साधना शिविर" के लाभ*

- आत्मिक आनंद की प्राप्ति।
- जीवन में सभी प्रकार के भय से मुक्ति।
- विभिन्न कारणों से उत्पन्न निराशा से मुक्ति।
- हृदय में नि:स्वार्थ प्रेम की जागृति।
- ऊर्जा के ऊर्ध्वगमन के फलस्वरूप कुंडलिनी जागरण की और यात्रा का सूत्रपात।
- सांसारिक व् पारिवारिक सम्बन्धों में प्रगाढ़ता व प्रेम की वृद्धि।
- भौतिक तथा आध्यात्मिक दोनों प्रकार की उन्नति।

महारास साधना के आज के सत्र में उपस्थित विशिष्ट महानुभाव रहे - दीदी के चरणों में श्रद्धानत श्रीमती मोना व एम एल साहनी, रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट सेशन जज; सुनील कौशिक, आफिस सुप्रीटेंडेंट, राजस्थसन सरकार, गंगानगर; डी पी गुप्ता, डायरेक्टर, त्रिशूल प्राइवेट लिमिटेड आदि।

Monday, 15 April 2019

"दिल्ली महिला आयोग" ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा, लिंगसूचक बयान देने वाले नेताओं को कड़ा दंड देने के लिए आदर्श आचार संहिता में बदलाव की मांग की

15 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान द्वारा रामपुर में उनकी प्रतिद्वंदी जयाप्रदा के लिए की गयी अपमानजनक टिप्पणी पर संज्ञान लेते हुए "दिल्ली महिला आयोग" ने मुख्य चुनाव आयुक्त  सुनील अरोड़ा, को पत्र लिखा है और उनसे ऐसे नेताओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने को कहा है जो सार्वजनिक स्टेज पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं।

आयोग ने चुनाव आयोग को सुझाव दिया है कि आदर्श आचार संहिता में बदलाव करना चाहिए और ऐसे प्रावधान लाने चाहिए जिससे कोई भी दल या व्यक्ति लिंग भेदी बयान न दे और ऐसे बयान न दे जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचती है| आयोग ने सुझाव दिया कि अगर कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल का सदस्य आचार संहिता का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसको वर्तमान चुनाव में भाग लेने पर रोक लगा दी जाए| साथ ही, आयोग ने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में आयोग तुरंत FIR दर्ज करवाए और वह व्यक्ति तुरंत गिरफ्तार हो|

"दिल्ली महिला आयोग" ने पत्र में कहा है कि 2017 में बंगलोर छेड़छाड़ मामले में महाराष्ट्र के विधायक अबू आज़मी ने कहा था कि छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियां और बाहर खुलेआम घूमने वाली लड़कियां बलात्कार को आमंत्रण देती हैं। उस समय दिल्ली महिला आयोग ने FIR दर्ज करवाई थी, मगर उस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

"दिल्ली महिला आयोग" की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “राजनीतिक क्षेत्र में जिम्मेदार पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों को महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर बंदिश लगायी जानी चाहिए। आदर्श आचार संहिता ऐसी किसी भी गतिविधि पर बंदिश लगाती है जिससे जाति, समाज, भाषा या धर्म के नाम पर तनाव बढे या पैदा हो, मगर इसमें ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है जिससे महिलाओं के खिलाफ गलतबयानी, लिंगसूचक बयानों पर रोक लगे| दिल्ली महिला आयोग यह उम्मीद करता है कि चुनाव आयोग इन सुझावों पर जल्द से जल्द अमल करेगा।

Wednesday, 10 April 2019

दिल्ली पुलिस ने चार आरोपी, IPL स्टोरियो को सट्टा लगाते हुए। रंगे हाथ पकड़ा।

11 अप्रैल 2019

( सीनियर फोटोग्राफर )
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्व जिले के पुलिस स्टेशन हजरत निजामुद्दीन की टीम ने 4 व्यक्तियों को IPL की सट्टेबाजी में गिरफ्तार किया। 1, हरीश अरोड़ा, 2, नव करण सिंह, 3, आशीष मंगल और गुरबीज छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। ये चारों सट्टेबाज इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान सट्टेबाजी का रैकेट चला रहे थे। चेन्नई में 9 अप्रैल को खेले जा रहे चेनई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स मैच में सट्टेबाजी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गए।

9 अप्रैल को SI, राजेंद्र सिंह ने इंडियन प्रीमियर लीग से जुड़े एक सट्टेबाजी रैकेट के बारे में जानकारी एकत्र की। उक्त जानकारी को और विकसित किया गया और  ACP ब्रिजिन्दर सिंह ने एक टीम का गठन किया    SHO सतेंद्र मोहन के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम में SI राजेन्द्र सिंह, हैडकांस्टेबल जय किशन, कांस्टेबल विनोद,और कांस्टेबल जितेन्द्र का चयन किया गया।


करीब 10 बजे पुलिस की टीम जंगपुरा के प्रीत पैलेस होटल में पहुंची। जब पुलिस टीम ने होटल के कमरा नंबर 307 में छापा मारा तो 4 व्यक्ति टीवी पर चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच  IPL मैच देख रहे थे। और मोबाइल फोन के माध्यम से दरों, जीत और नुकसान का रिकॉर्ड अपडेट कर रहे थे। वे एक फोन का उपयोग ऑन लाइन दरों को प्राप्त करने के लिए और अन्य फोन को पंटर्स को जानकारी देने और दांव लगाने के लिए कर रहे थे। इन लोगों की पहचान (1) हरीश अरोरा,31 वर्ष (2) नव करन सिंह, 25 वर्ष (3) आशीष मंगल, 21 वर्ष और (4) गुरबीज छाबड़ा, 36 वर्ष के रूप में हुई । दिल्ली जुआ अधिनियम, तहत FIR  का मामला दर्ज किया गया और जांच की गई।

पुलिस की निरंतर पूछताछ के दौरान,आरोपी व्यक्तियों ने खुलासा किया कि जल्दी पैसा कमाने के लिए वे सभी IPL के दौरान एक सट्टेबाजी रैकेट चलाने की योजना बना रहे थे। अभियुक्त गुरबिज छाबड़ा, सट्टेबाजी की इस प्रणाली से अच्छी तरह से वाकिफ थे। और पहले भी 2007 में एक जुए के मामले में गिरफ्तार हुए थे। अभियुक्त  IPL मैच के दौरान एक होटल के कमरे की बुकिंग करते थे। और अपने काम से ही काम रखते थे। अभियुक्त, सटोरिये अपने क्लाइंट, पंटर्स से दांव लेते थे और अपने लैपटॉप पर बेटिंग असिस्टेंट आई-बुक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे। जो सट्टे और वित्तीय लेनदेन करने वालों का रिकॉर्ड रखते थे।


पुलिस ने इन आरोपियों के पास से नकद रु,5,15,000 और 3 लैपटॉप,17 मोबाइल फोन
सेट टॉप बॉक्स के साथ टीवी भी बरामद किया गया। आगे मामले की जांच जारी है। और सट्टेबाजी गिरोह के साथ उनके संबंधों की संभावना का पता लगाया जा रहा है।

"दिल्ली महिला आयोग" ने पहाड़गंज में वेश्यावृति के रैकेट का भंडाफोड़ किया, नाबालिग लड़कियों को बचाया*

10 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: कल देर शाम हुए एक रेस्क्यू ऑपरेशन में एक  NGO मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन की सूचना पर "दिल्ली महिला आयोग" ने दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में चल रहे। वेश्यावृति के रैकेट का भंडाफोड़ किया और 4 लड़कियों को बचाया| उनके एजेंट को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

"दिल्ली महिला आयोग" की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल, और सदस्या किरण नेगी, को एक  NGO मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन से सूचना मिली कि सेंट्रल दिल्ली में एक एजेंट वेश्यावृति के लिए लड़कियों की आपूर्ति कर रहा है। दिल्ली महिला आयोग की एक टीम दिल्ली पुलिस के साथ बताये गए होटल पर पहुंची और उसके कमरों में घुस गयी| उन कमरों से 4 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू कर लिया गया जहाँ पर वे ग्राहकों के साथ थीं| रेस्क्यू की गयी लड़कियों को शेल्टर होम भेज दिया गया है। उनको आज बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जायेगा| लड़कियों के एजेंट साहिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, उसके पास से NGO मिशन रेस्क्यू ऑपरेशन द्वारा फर्जी ग्राहक बनकर भेजे गए लोगों द्वारा निशान लगाये गए नोट बरामद किये गए।

रेस्क्यू की गयी लड़कियों में से दो लड़कियां नेपाल से हैं, एक असम से है और एक बिहार से है।  दिल्ली महिला आयोग द्वारा काउन्सलिंग के दौरान उन्होंने बताया कि वे बहुत गरीब परिवारों से आती हैं। और उनके परिवार में कमाने वाला कोई और नहीं है| लड़कियों ने बताया कि वे दिल्ली में हुई अपनी कमाई का उपयोग गाँव में अपने परिवार के पालन पोषण के लिए करती हैं| उनको एक ग्राहक से 500 रूपए मिलते हैं, उनमे से आधे एजेंट ले लेता है| एजेंट मसाज करने, क्लब में डांस करने और वेश्यावृति के लिए ग्राहकों की व्यवस्था करता था| काउन्सलिंग के दौरान लड़कियां टूटकर रोने लगीं और कोई सम्मानजनक रोजगार करने की इच्छा व्यक्त की, ताकि वे अपने परिवार का भरण पोषण जारी रख सकें| दिल्ली महिला आयोग बाल कल्याण समिति से उनके लिए अच्छी तरह से पुनर्वास करने का अनुरोध करेगा।

"दिल्ली महिला आयोग" की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “देश में नाबालिग लड़कियों की, खासकर नेपाल से लगातार तस्करी हो रही है| राजधानी में अवैध देह व्यापार पर कोई रोक नहीं लग पा रही है, चिंता की बात यह है कि इसके लिए और अधिक संख्या में छोटी लड़कियों की तस्करी की जा रही है| हम ख़तरा मोल लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन करते हैं, मगर समस्या यह है कि जब तक पुलिस द्वारा इन अपराधों की ठीक तरह से जांच नहीं की जाती है, तब तक यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि कि अभी कितनी और लड़कियां इन तस्करों के चंगुल में हैं। साथ ही उन लड़कियों के लिए भी एक अच्छी पुनर्वास नीति होनी चाहिए जिनको तस्करी कर लाया जाता है और उनका देह व्यापार में शोषण किये जाता है|”

Monday, 8 April 2019

रोप स्किपिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा डबल डच कॉन्टेस्ट इंडिया 2019 का आयोजन किया गया।

8 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: डबल डच कॉन्टेस्ट इंडिया 2019 का आयोजन बलवंतराय मेहता विद्या भवन अस्मा स्कूल (दितिया पाली), ग्रेटर कैलाश पार्ट-3, मस्जिद मोठ, नई दिल्ली में किया गया। मिस्टर कुलदीप वत्स (प्रेजिडेंट दिल्ली ओलिंपिक एसोसिएशन एंड वाईस प्रेजिडेंट, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन) जैसी गणमान्य अतिथि भी छात्रों के प्रोत्साहन के लिए मौजूद रहे।

इस बार चैंपियनशिप में 10 से भी जायदा राज्यों के 500 छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का आयोजन तीन केटेगरी में किया गया अंडर 11, अंडर 14 तथा अंडर 19 इस बार की डबल डच कॉन्टेस्ट इंडिया 2019 में प्रथम स्थान पर दिल्ली, दूसरे स्थान पर हरियाणा तथा तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र रहा विजेता टीम डीडी प्रतियोगिता वर्ल्ड 2019 टोक्यो, जापान में भाग लेगी।


निर्देश शर्मा (सेक्रेटरी जनरल) के अनुसार : हमारा महासंघ लगातार ताकत बना रहा है। क्योंकि हम लोगों पर साथ ही खेल समुदाय पर एक महान प्रभाव बनाने के अपने दृष्टिकोण को प्राप्त करते हैं। हमारा लक्ष्य बच्चों को रोप स्किपिंग में भागीदारी के माध्यम से उनके एथलेटिक कौशल समन्वय और उनके संपूर्ण शारीरिक विकास को विकसित करने में सहायता करना है। रोप स्किपिंग गेम भारत में 19 राज्यों में तथा विश्व में 25 देशो में खेला जाता है।

"तपसिल जाति आधिबासी प्रकटन सैनिक विकास शिल्पा केंद्र" (टीजेऐपीऐस केबीएसके) द्वारा आयोजित कार्यक्रम का जोरदार समापन।

8 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार

नई दिल्ली: लुप्त होती संस्कृति को बढावा देना व अजिविका के रुप में आगे लाना मिशन बन चुका हैं। टीजेऐपीऐस कृषि विकाश केन्द्र के सचिव सौमेन कोले, ने आज नई दिल्ली में मीडिया से हुई बातचीत में बताया कि गरीब वग्रामीण समाज के लोगों के लिए दो वक्त की रोटी कमाना आज भी चुनौती से कम नही है। फिर चाहे राज्य कोई भी क्यो ना हो।

संस्था पिछले 37 सालों से वेस्ट बंगाल के साथ साथ देश के अन्य राज्यों व राजधानी के औसत इलाकों में भी सक्रिय हैं।
सचिव सौमेन कोले ने बताया कि हालहि में पुरुलिया ने अपना 18 वां "पलाश पर्व" मनाया है,जो देऑल घाटा,अरशा ब्लॉक, पुरुलिया में कंशाबोटी के तटपर है।तपसिल जाति आदिवासी प्रकटन सैनिक कृषि बिकास शिल्प केंद्र,पुरुलिया जिला, पर्यटन विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजन किया गया था। भारी संख्या में राज्य भर से कई लोग इकट्ठा हुए आदिबासी लोक नृत्य और शास्त्रीय नृत्य डोल उत्सव को अधिक से अधिक सुशोभित करने के लिए आदिवासी, सांस्कृतिक और शास्त्रीय श्रद्धांजलि का एक मिश्रण बन गया था।

साथ ही साथ आयोजन वसंत के दौरान पुरुलिया पलाश का मालिक बन जाता है। इसलिए इस क्षेत्र की सुंदर सुंदरता हर जगह खिलने के कारण प्रशंसा के योग्य बन जाती है। एक अविकसित क्षेत्र होने के बावजूद, किसी भी होटल या रिसॉर्ट के बिना यह स्थान चारों ओर के लोगों के लिए रुचि का स्रोत प्रतीत होता है। लोग बड़े पैमाने पर निकट और दूर से आते हैं और वे जीवित रहने का प्रबंधन टेंट में करते हैं। केवल अपने भव्य समारोह का हिस्सा बनने के लिए। यह त्योहार बिस्वानाथ दासगुप्ता, की गहरी रुचि का परिणाम है। जो इस पूरे कार्यक्रम में अपने सभी अनुभवों को लागू करने की कोशिश करते हैं।

वह इस समारोह का आयोजन रोनाल्डो हनी कश्यप,पवन कुमार और तनुश्री मुखर्जी के सहयोग से करते है। जो आसपास के मंदिरों की देखभाल करते हैं। लेकिन इस साल "पलाश परबन" त्योहार, सौमेन कोले,(सचिव)“तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” के आगमन के साथ और अधिक प्रतिष्ठित हो गया था। सौमेन कोले, ने अपनी अथक मदद की पेशकश की और इस समारोह को एक भव्य उत्सव बना दिया।

इसके अलावा वे सभी 6500 स्वयंसेवक जो “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” की ओर से पश्चिम बंगाल के 204 ब्लॉकों में सहजता से काम कर रहे हैं। इस उत्सव में दिल से शामिल हुए। पुरुलिया को 8 वीं -9 वीं शताब्दी के पुरातत्व संसाधनों से समृद्ध होने का उल्लेख किया गया है। इसलिए यह जिला बंगल का गौरव है। इस शुभ क्षण पर पुरुलिया को विशेष रूप से अपनी शानदार ऐतिहासिक स्थिति के साथ उजागर किया गया है।

सम्मानित व्यक्तियों जैसे - उत्पल पॉल, पुटुला जिला सूचना और सांस्कृतिक अधिकारी (डिको), आशीष बनर्जी, पुरुलिया जिला कृषि  निदेशक (प्रशासन), सुबीर दत्ता, जिला कोचबार के सहकारी सेवाओं (DRCS) के रजिस्ट्रार, दिनेश मंडल,ए.डी.एम(जेड.पी.) पुरुलिया, प्रथा पॉल,आई सी वहां पर मौजूद थे और आयोजकों की पूरी तरह से सराहना की। इस समारोह का उद्घाटन “तपसील जाति आदिबासी प्रकटन सैनिक बिकास शिल्पा केंद्र” के सचिव सौमेन कोले,और एम.एल.ए. क्षेत्र के शक्तिपद महतो ने दीप प्रज्वलन कर के किया।

Wednesday, 3 April 2019

DCW "दिल्ली महिला आयोग" ने फॉरेंसिक रिपोर्ट में देरी को लेकर फोरेंसिक साइंस लैब को नोटिस जारी किया*

3 अप्रैल 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार

नई दिल्ली: राजधानी में यौन अपराधों के मामलों खासकर कि छोटे बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों अदालतों में सजा होने की कम दर को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली की फोरेंसिक साइंस लैब को नोटिस जारी किया है और लंबित मामलों की जानकारी और इनके कारणों के बारे में पूछा है| 

दिल्ली में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं| इसकी मुख्य वजह इन मामलों में सजा होने की कम दर है| दिल्ली विधिक सेवाएँ प्राधिकरण की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि पोक्सो के मामलों में सजा होने की दर दिल्ली में बहुत कम है- 2014 में 16.33%, 2015 में 19.65% और जुलाई 2016 तक केवल 18.49% मामलों में सजा हुई थी| आयोग के मुताबिक ज्यादा लंबित मामले होने की वजह फॉरेंसिक रिपोर्ट का देर से आना और कुछ नमूनों की रिपोर्टों का बिना किसी निष्कर्ष के आना है|


कुछ महीने पहले आयोग ने रोहिणी स्थित फॉरेंसिक लैब का दौरा किया था और समस्याओं को सुलझाने के लिए कुछ परामर्श दिए थे, खासकर कि लंबित मामलों की समस्या जो कि काफी गंभीर समस्या थी| इस मामले में अब तक एफएसएल द्वारा की गयी कार्यवाही कोई भी रिपोर्ट आयोग को नहीं सौंपी गयी है| नोटिस द्वारा आयोग ने जनवरी 2017 से अब हर महीने के लंबित मामलों की जानकारी मांगी है।

आयोग ने यह भी पूछा है कि एफएसएल ने जनवरी 2017 से अब तक दूसरी लैब को कितने मामले भेजे हैं और उनमे से कितने मामलों में रिपोर्ट प्रतीक्षारत है। इसके अलावा आयोग ने एफएसएल से वहां पर पदों (नियमित एवं संविदा) की जानकारी मांगी है और पूछा है कि जनवरी 2017 से अब तक कितने पदों पर भर्ती हुई और कितने खाली हैं। लंबित मामलों के बारे में समझने के लिए आयोग ने वर्गवार मामलों की जानकारी मांगी है, वर्तमान में फॉरेंसिक सैम्पल की प्रोसेसिंग अवधि और जनवरी 2017 से अब तक तैयार की गयी रिपोर्टों की जानकारी मांगी है और पूछा है कि इनमे से कितनी रिपोर्टों में निष्कर्ष नहीं निकला और उसकी क्या वजहें थीं।

"दिल्ली महिला आयोग" की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने कहा, “जांच रिपोर्ट में देरी की वजह से अपराधिक मामले अदालतों में रुक जाते हैं, इस वजह से पीड़िताओं को मानसिक पीड़ा होती है| आयोग यह पूरी कोशिश करेगा कि यौन अपराधों की पीड़िताओं को जल्द से जल्द न्याय मिले और इसके लिए एफएसएल में लंबित मामलों को ख़त्म करना बहुत जरूरी है| हमने एफएसएल से रोहिणी, शेख सराय, सयुरपुर, बिंदापुर और राजघाट पर बन रहे नए पांच नए एफएसएल लैब के निर्माण की वर्तमान स्थिति की जानकारी और निर्माण में सामने आ रही समस्याओं की जानकारी मांगी है|”

थाना साउथ रोहिणी के स्टाफ ने चोरी की स्कूटी और चाकू सहित अपराधी को धर दबोचा।

07 अगस्त 2022 नरेन्द्र कुमार नई दिल्ली:15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए दक्षिण रोहिणी क्षेत्र में सड़क अपराध को रोकने के लिए, एसीपी अर्जुन सिं...