Wednesday, 16 October 2019

("FLAMES" सीजन-1) के बाद अब "फ्लेम्स"-2 के साथ दिल वालों की दिल्ली एक बार फिर देखेगी "फ्लेम्स" सीजन-2 के सभी एपिसोड्स देखिए,18 अक्टूबर शुक्रवार से (TVF) MX PLAYER पर

17 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: 16 अक्टूबर 19 को डिजिटल माध्यम में प्रस्तुत पहली वेब सीरीज में एक तथा दर्शकों का दिल जीत लेने वाली फ्लेम्स सीजन-1 में एक कैमिकल रिएक्शन ने बड़ी संख्या में फैन्स को अपनी और आकर्षित किया था।
इस सहज एवं प्रभावशाली टीनेज रोमांस में एक ट्यूशन क्लास में इशिता और रजत के युवा प्यार की कहानी दिखाई गई थी। वो इंटरनेट पर सबसे क्यूट युगल बन गए थे। सीजन-1का अंत इन दोनों के एक होने के साथ हुआ था। जिसके बाद दर्शक ये जानने को उत्सुक थे। की इन दोनों की जिंदगी में आगे क्या परिवर्तन आएगा।

लेकिन दूसरे सीजन में उनके बीज प्यार का सुलगता समीकरण दिखाया गया है। जब वो रिश्ते के उतार-चढ़ाव के साथ अपने व्यक्तिगत उद्देश्यों ओर दोस्ती का समीकरण बिठाने की कोशिश करते है। इस प्यार की मासूम कहानी के साथ दर्शकों को भावुक करते हुए। "द वायरल फीवर" (TVF) के चहेते डिजिटल स्वीटहार्ट रित्विक सहोरे, तानिया मनिकतला एवं शिवम काकड़ और सुनाक्षी ग्रोवर दिल वालो की दिल्ली में "फ्लेम्स"-2 को प्रमोट करने आये। दिल्ली में हुई एक विशेष स्क्रीनिंग में मुख्य कलाकारों ने सीजन के एक और प्यार की खुशी मनाते हुए अपनी रोचक यादो के बारे में बताया।
अपूर्व सिंह करकी द्वारा निर्देशित एवं कुणाल अनेजा द्वारा लिखित शो दूसरा सीजन दर्शकों को मुख्य युगल के साथ अनेक पहले अनुभव प्रदान करेगा। आम भावनाओं के साथ यह नया सीजन दर्शकों को अनेक भावनाओं, आकर्षण, पहली लड़ाई, दिल की असहज भावना एवं एक दूसरे में भरोसे व विश्वास का अनुव प्रदान करेगा। रजत के किरदार में रित्विक और इशिता के किरदार में तानिया, के अलावा इस सीरीज में शिवम कक्कड़, और सुनाक्षी ग्रोवर, है। जो इन दोनों के सबसे अच्छे दोस्त की भूमिका निभा रहे हैं। तथा इस यादगार यात्रा का हिस्सा होंगे।

इस सीरीज की वापसी और दिल्ली में इसे प्रमोट करने के बारे मे रित्विक सहोरे ने कहा, "फ्लेम्स" मेरे लिए बहुत खास प्रोजेक्ट है। सीजन-2 न केवल किसी रिश्ते के चुलबुल पक्ष दिखायेगा। बल्कि दर्शकों को इसके अनजाने पहलुओं के बारे में भी बतायेगा। इस शो ने मुझे एक परिवार दिया है। जिस पर में हमेशा भरोसा कर सकता हूँ। इस प्रेम कहानी की ख़ुशी मनाने के लिए दिल्ली से अच्छा कोई शहर नही, मुझे उम्मीद है कि दर्शक हमारी इस सीरीज को पहली सीरीज से भी ज्यादा पसंद करेंगे।
(TVF) ने फ्लेम्स-2 का ट्रेलर रिलीज किया। इसमे हम देख सकते है कि प्यार के स्वर्ग में कुछ मुश्किलें पनप रही हैं। आखिर क्या गलत हुआ है। यह जानने के लिए ( TVF) प्ले एवं एमएक्स प्लेयर (MX PLAYER) पर देखिये हमारे चहेते टिन रोमांस का दूसरा सीजन, शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2019 से ट्रैलर यहां देखे, :https//youtu. be/h3bWITTiANE पर देखे।

"दिल्ली महिला आयोग" के कार्यालय में एक DSLSA क्लिनिक का उद्धघाटन किया। महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगा।

16 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: "दिल्ली महिला आयोग" और दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने, ITO स्थित दिल्ली महिला  आयोग के कार्यालय में एक DSLSA क्लिनिक का उद्घाटन किया, जो आयोग में आने वाली महिलाओं और लड़कियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगा।
आयोग को दिन भर में कई सौ शिकायतें मिलती हैं और उनमें से एक बड़े हिस्से को मुफ्त कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, वे लोग स्वयं से इसका इंतजाम नहीं कर सकते| आयोग में आज उद्घाटन किए गए DSLSA क्लिनिक में ऐसे जरूरतमंद शिकायतकर्ताओं के लिए मुफ्त कानूनी सेवा प्रदान की जाएगी । यहां आयोग में नियुक्त DSLSA के वकील यह सुनिश्चित करेंगे कि महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुचारू और अधिक जवाबदेह बनाया जाए।
इससे पहले, शिकायतकर्ताओं को दिल्ली महिला आयोग और DSLSA के बीच उचित समन्वय की कमी के कारण सेवाओं में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। DSLSA के नवनियुक्त सदस्य सचिव  कंवलजीत अरोड़ा ने इस समस्या को पहचाना और सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए और आयोग में आने वाली सैकड़ों महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए एक DSLSA लीगल क्लीनिक की स्थापना की जाएगी। आज, DSLSA के सदस्य सचिव कंवलजीत अरोड़ा, विशेष सचिव गौतम मेनन और मध्य जिले के सदस्य सचिव चरनजीत अरोड़ा के साथ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, सदस्य सचिव पी.पी. ढल, सदस्य प्रोमिला गुप्ता, किरण नेगी, फिरदौस खान और वंदना सिंह ने नए क्लिनिक का उद्घाटन किया।

DSLSA के सदस्य सचिव कंवलजीत अरोड़ा ने कहा, “माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के विज़न और तत्वावधान में DSLSA सभी को सर्वोत्तम मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने का कार्य करता है। दिल्ली महिला आयोग में DSLSA का क्लीनिक यह सुनिश्चित करेगा कि सैकड़ों महिलाओं और लड़कियों को रोजाना मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाए।”

"दिल्ली महिला आयोग" की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, मैं DSLSA की आभारी हूँ कि दिल्ली महिला आयोग में एक मुफ्त कानूनी सहायता के लिए एक कानूनी क्लिनिक खोला है। इससे आयोग में आने वाली महिलाओं और लड़कियों को काफी मदद मिलेगी और उन तक बेहतर मुफ्त कानूनी सहायता पहुंचेगी। मैं इस बेहतरीन पहल के लिए DSLSA को धन्यवाद देती हूं।

Tuesday, 15 October 2019

दिल्ली के मुक्ताधारा ऑडिटोरियम में, "यश डांस एकेडमी" के सीजन 6 में डांस के दीवानो का जबरदस्त हुआ मुकाबला।

15 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: "यश डांस एकेडमी" द्वारा, 14 अक्टूबर 2019 को हार्ट बीट डांस प्रतियोगिता का आयोजन, दिल्ली के मुक्ताधारा ऑडिटोरियम में किया गया। यश डांस एकेडमी के सीजन 6 में डांस में भाग लेने वाले 5 वर्ष के बच्चों से लेकर बड़ो तक यानी हर उम्र के दीवानों का जबरदस्त हुआ मुकाबला।
डांस के कैरियर के क्षेत्र में हर उम्र के उभरते कलाकार आ रहे है। उनमें जोश लाने के लिए "यस डांस एकेडमी" के बॉस यश वर्धन, 2012 से प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। मुकाबले का यह सीजन 6 था, 2019 के प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर बड़ो तक ने बड़े उत्साह से बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
इस मुकाबले में जीतने वाले डांस कलाकारों के लिए, ट्रॉफी व सर्टिफिकेट एवं 10 हजार रुपये इनाम के रखे गए थे। डांस में हिस्सा लेने वाले कलाकारोंं में "जूनियर सोलो ग्रुप"  "सीनियर सोलोग्रुप" और "सुपर मोम ग्रुप" की ये अलग-अलग डांस टीमें थी। डांस में छोटे प्यारे नन्हे मुन्ने बच्चों ने भी बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। हॉल में आये सभी दर्शकों का बच्चों ने दिल जीत लिया।
वही बडे बच्चों ने भी अपनी पसंद के गानों में हिप हॉप, कंटेमपरी, आदि प्रकार के डांस फॉमस किया गया। और बच्चों के साथ- साथ ममियों ने भी अपनी डांस कला हुनर का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम की सबसे आकर्षण का केंद्र रही, जूनियर केटेगिरी की बाल कलाकार दिव्यांग होने के बाबजूद भी डांस में अपनी कला दिखाने से जरा भी नहीं हिचकी।
इनाम जीतने वालो में जूनियर से कुमकुम ने पहला इनाम तो वहीं पुनीत ने दूसरा इनाम जीता।

सीनियर्स से कुनाल ने पहला स्थान पर रहे। और कुलदीप, दूसरे स्थान पर रहे।

वहीं डांस ग्रुप में कुमकुम और कुणाल ने प्रथम पुरस्कार जीता। मम्मियों में सुपर मम्मी का ख़िताब अनु गुप्ता ने जीत कर अपने नाम किया।
डांस प्रतियोगिता को स्पॉन्सर करने वाले S.K. वर्मा जी ने कहा की जिस तरह बच्चों में शिक्षा का विकास होता है। उसी तरह उनमें कला का विकास भी होना चाहिए और इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में एक नय़ा जोश व उत्साह पैदा करता है। वहीं डांस एकेडमी  चला रहे। यश वर्धन,ने बताया की वह उन बच्चों की भी हरसम्भव मदद करते है। जिनके पास डांस कला तो होती है पर वह फीस देने में असमर्थ होते हैं।

Monday, 14 October 2019

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल SR की टीम ने कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार।

15 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल SR ने, ACP अत्तर सिंह द्वारा निरीक्षण किए गए। इंस्पेक्टर शिवकुमार की अगुवाई में स्पेशल सेल SR की एक टीम ने एक कुख्यात अपराधी प्रथम आनंद उर्फ तुषार उम्र 32 वर्ष को गिरफ्तार किया है। मौके पर आरोपी के पास से सेमि ऑटोमेटिक पिस्तौल 32 और एक जिंदा कारतूस की बरामद की गई है।
स्पेशल सेल की टीम ने दिल्ली के महेंद्र पार्क के इलाके में एक घर में गोलीबारी का उनका वीडियो वायरल होने के बाद एक महीने से तुषार की हरकतों पर नज़र रख जा रही थी।  क्षेत्र में आरोपी प्रथम आनंद उर्फ तुषार के आने के बारे में इंस्पेक्टर शिवकुमार द्वारा एक गुप्त सूचना मिलने पर,14 अक्टूबर 19 को भलस्वा लैंडफिल पर जाल बिछाया गया।
मुखबिर के द्वारा की गई। पहचान पर, लगभग 9 बजे स्पेल्डर बाइक पर आए आरोपी तुषार की पहचान की गई और आरोपी को रुकने का इशारा किया। और पुलिस द्वारा उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था। लेकिन उसने पिस्तौल निकाल कर पुलिस टीम की ओर कई राउंड फायर किए।  हैडकांस्टेबल राकेश कुमार आरोपियों द्वारा चलाई गई गोली की चपेट में आ गए, लेकिन हैडकांस्टेबल ने बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, उससे बच गए। पुलिस टीम के सदस्यों ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की जिसमें आरोपी तुषार के दाहिने पैर में घायल हो गए। आरोपी को तुरंत जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया।
दोनों ओर से करीब एक दर्जन राउंड फायर किए गए। आरोपियों द्वारा लगभग 6/7 गोलियां चलाई गईं और 5 पुलिस द्वारा चलाई गईं। अंत में, स्पेशल सेल टीम द्वारा तुषार को धर दबोचा, आरोपित प्रथम आनंद उर्फ तुषार अपने 7/8 साथियों के साथ अहसान उर्फ गुर्जर, विकास मिश्रा, प्रदीप और अन्य के साथ 24 मई 19 को दिल्ली महेन्द्र पार्क के एक मकान में जबरन घुस गया था। और नरेश कुमार को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायर किए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया, बीडब्ल्यू और बाहरी दिल्ली में आपराधिक दुनिया में प्रभुत्व पर नरेश कुमार के साथ हमलावरों की आपराधिक प्रतिद्वंद्विता थी।

गिरफ्तार अभियुक्त प्रथम आनंद उर्फ तुषार एक कुख्यात अपराधी है। जो 25 से अधिक मारपीट, चोट, डकैती, स्नैचिंग, चोरी, आर्म्स एक्ट इत्यादि मामलों में शामिल है। उसे इनमें से कुछ मामलों में PO घोषित किया गया है।

Sunday, 13 October 2019

क्राइम ब्रांच "एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट"(AHTU) ने तीन कुख्यात अपराधी को किया गिरफ्तार, आरोपियों के पास से 03 अत्याधुनिक 7.65 मिमी पिस्टल और 15 राउंड बरामद किये। आरोपी हत्या की योजना बना रहे थे।

14 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU)  ने 03 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 15 राउंड के साथ 3 अत्याधुनिक 7.65 मिमी पिस्तौल बरामद की है। कुख्यात अपराधी हत्या की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार किए गए। आरोपी राहुल उर्फ संजू उम्र 23 वर्ष नांगलोई,दिल्ली आयु-23 वर्ष गोविंदर उर्फ सोमवीर उम्र 23 वर्ष नांगलोई, दिल्ली। सुनील उर्फ आकाश उम्र 23 वर्ष नांगलोई, दिल्ली।
10 अक्टूबर 19 को जानकारी कांस्टेबल रविन्द्र नम्बर 962/AHTU द्वारा प्राप्त की गई थी। कि राहुल और उसके साथी दिल्ली के मंगोलपुरी के इलाके में आने वाले हैं। इस सूचना पर क्राइम ब्रांच ने फौरन कार्रवाई करते हुए। ACP सुरेंद्र गुलिया, AHTU क्राइम ब्रांच,की देख रेख में टीम का गठन किया गया। अपराधियों को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाया गया और राहुल, गोविंदर और सुनील को DSIDC कॉम्प्लेक्स, एफ-ब्लॉक, मंगोल पुरी दिल्ली से अपराधियों को धर दबोचा। आरोपी व्यक्तियों के कब्जे से 15 राउंड (एक पिस्तौल और 5 राउंड प्रत्येक) के साथ तीन परिष्कृत 7.65 मिमी पिस्तौल बरामद किए गए।आरोपियों से पूछताछ के दौरान, यह पाया गया कि सभी तीन आरोपी व्यक्ति शराब तस्करी करते हैं। और उन पर शराब तस्कर के कई मामले दर्ज हैं।

सतीश भदानी, झज्जर, हरियाणा और उसके सहयोगी जॉनी और सनी नामक व्यक्ति आरोपी व्यक्तियों से कुछ पैसे के मामले में झगड़ा चल रहा था। जब आरोपी राहुल ने पैसे देने में देरी की तो सतीश उसकी अनुपस्थिति में नागलोई में उसके घर गया और धमकी दी और उसके परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया। राहुल बदला लेने के लिए मौके की तलाश में था। वह पिछले 3 वर्षों,आरोपी राहुल ने हाल ही में यूपी के कानपुर के एक सोनू से तीन पिस्तौलें खरीदी थीं और वह बदला लेने और सतीश की हत्या करने की योजना बना रहा था।

तीनो आरोपियों ने एक साथ 12 वीं तक की पढ़ाई नांगलोई के सरकारी स्कूल से की है। और पढ़ाई छोड़ने के बाद बुरी संगत में पड़ गए। और लगभग 4 साल पहले, उन्होंने गोविंदर और सुनील को भर्ती किया, जो क्षेत्र में शराब तस्करी शुरू करने के लिए उनके स्कूल के दोस्त हैं। और वह हरियाणा के बहादुरगढ़ से अपनी शराब खरीदता है। था और नांगलोई क्षेत्र में कई संपर्कों को इसकी आपूर्ति करता है।

आरोपियों के खिलाफ निहाल विहार, कंझावला,क्राइम ब्रांच और नरेला के पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए 4 मामलों में शामिल पाए गए। अवैध हत्यार रखने के आरोप में तीनों को गिरफ्तार किया गया है।  हथियारों के स्रोत और उनके लूट के रैकेट के बारे में आगे की क्राइम ब्रांच, की जांच जारी है।

Saturday, 12 October 2019

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा आतंकवाद और नक्सलवाद मानव अधिकार के सबसे बड़े दुश्मन हैं; इनके प्रति भारत सरकार शून्य सहिष्णुता की नीति पर अडिग है।

13 अक्तूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के 26वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अपना संबोधन दिया। मंच पर आयोग के अध्यक्ष, पूर्व न्यायाधीश एच एल दत्तू भी उपस्थित रहे।

भारत की सामाजिक संरचना में मानव अधिकारों की वर्तमान स्थिति पर अपने विचार रखते हुए शाह ने कहा कि मानव अधिकार के मामले में भारत और विश्व की मान्यताएं एवं परिस्थितियां बहुत भिन्न है। विश्व के मानव अधिकार मानकों पर भारत का आंकलन करना सही नहीं होगा। भारत की सामाजिक संरचना एवं पारिवारिक व्यवस्था में मानव अधिकार की रक्षा समाहित हैं, चाहे वे बच्चों के हो, महिलाओं के हो या पिछड़ी वर्ग के लोगों के हो। किसी भी गांव या शहर में देखें तो बिना किसी कानून की आवश्यकता के मानव अधिकारों की रक्षा करने की संरचना और संस्थाएं स्थापित मिलेंगी।
 केंद्रीय गृह मंत्री शाह का मानना है कि विश्व में मानवाधिकार के क्षेत्र में सब से परिपूर्ण काम करने वाले देशों में से भारत एक देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि कायदे-कानून की परिधि से ऊपर उठकर, विभिन्न क्षेत्रों में स्वतह ही जो लोग अपना दायित्व समझ कर मानव अधिकार का रक्षण कर रहे हैं, उन्हें एक प्रक्रिया के साथ जोड़ना ज़रूरी है। ऐसे लोगों को मंच प्रदान करने का दायित्व मानव अधिकार आयोग का है।मानव अधिकारों का संकुचित अर्थ निकालने का विरोध करते हुए। शाह ने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि हर एक नागरिक को संविधान प्रदत्त रक्षा मिलनी ही चाहिए, परंतु, इस विषय के कई ऐसे आयाम और दृष्टिकोण हैं जिनके बारे में गहनता से चिंतन करने की आवश्यकता है। ताकि उनका दुरुपयोग ना हो। भारतीय समाज सदियों से केवल अपने परिवार के लिए सोचने वाली संकुचित धारणा से ऊपर उठकर 'वसुधैव कुटुंबकम सूत्र' का पाठ विश्व को पढ़ाता आया है। इस सूत्र में मानव अधिकार का विषय समाहित है। आज हमें इस सूत्र को एक वैश्विक मंच प्रदान करने की आवश्यकता है। भारत के कई संतों ने अपने जीवन के कार्यकलापों के द्वारा मानव अधिकार के संरक्षण के लिए काम किया है और साहित्य की रचना की है। आज की परिस्थिति में इस साहित्य का महत्व किसी भी मानव अधिकार कानून से ऊपर है।

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में उनके सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि गांधी जी के सिद्धांत आज भी शाश्वत और प्रासंगिक हैं, जिन्हें विश्व के सामने रखा जाना बहुत आवश्यक है। उनके भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये, पीड़ पराई जाने रे' का उल्लेख करते हुए  शाह ने कहा कि आज भी वैश्विक स्तर किसी भी मानव अधिकार के चार्टर से ऊपर है। गृह मंत्री शाह ने कहा की मानवाधिकार के क्षेत्र में आज विश्व स्तर पर कई बड़ी चुनौतियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी चुनौती गरीबी और हिंसा के बढ़ते स्तर से है। उनका मानना है कि भारत में मानव अधिकार के सभी हित धारक, जैसे कि सरकार, संसद, न्यायपालिका, मीडिया, सिविल सोसाइटी, आदि सब को गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। नरेंद्र मोदी सरकार ने 'सबका साथ सबका विकास' की धारणा के साथ गरीबी उन्मूलन के लिए लड़ाई लड़ने का एक अद्वितीय प्रयास किया है और सफलतापूर्वक परिणाम भी प्राप्त किए हैं।
गृह मंत्री ने पूछा कि आज़ादी के 70 साल बाद भी देश में अगर 5 करोड़ लोग बिना घर के जी रहे थे या 3.5 करोड़ लोग ऐसे थे। जिनके घर में बिजली नहीं थी या वे करोड़ों महिलाएं जिनके घर में गैस चूल्हा नहीं था और धुएं से उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा था, तो क्या यह उनके मानव अधिकार का उल्लंघन नहीं है। गृह मंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं और शौचालयों के अभाव में करोड़ों लोगों के बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद ये सारी सुविधाएं भारत के करोड़ों नागरिकों को मिलीं। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार की रक्षा हेतु भारत सरकार की इन पहलों और उपलब्धियों को विश्व पटल पर रखने की आवश्यकता है।

आतंकवाद और नक्सलवाद को मानव अधिकार का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जहां एक तरफ पुलिस अत्याचार से हुई हिरासत में मौत के खिलाफ भारत सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति है। वहीं आतंकवाद और नक्सलवाद के प्रति भी भारत सरकार शून्य सहिष्णुता की नीति पर अडिग है। आतंकवाद से पीड़ित परिवारों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अकेले कश्मीर में पिछले 30 सालों में 40,हजार से ज्यादा लोगों की मौत आतंकवाद के कारण हुई है। नक्सलवाद के चलते, देश में कई जिले विकास से वंचित रह गए, कई लोगों की जानें गई। क्या यह सब मानव अधिकारों का हनन नहीं है। गृह मंत्री ने पूछा। "मानव अधिकार की रक्षा का दायित्व सरकार का है", यह कहते हुए शाह ने कहा कि भारत के संविधान में मानव अधिकारों की रक्षा समाहित है। और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। जिस प्रकार भारत के संविधान और उसके निर्माताओं की चर्चाओं में मानव अधिकारों की रक्षा के महत्व दिया और इसके लिए व्यवस्था को स्थापित किया, ऐसा किसी और देश के संविधान में नहीं पाया जाता। शाह ने हाल ही में संसद द्वारा किए गए मानव अधिकार अधिनियम में संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि अब भारत का मानव अधिकार कानून पहले से कहीं अधिक समावेशी बन गया है। उन्होंने  मानवाधिकार आयोग के 26 साल के सफर में आई चुनौतियों व उपलब्धियों पर चिंतन कर मानव अधिकार कानून को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए जो मानक बनाए गए हैं। वे भारत जैसे देश के लिए पर्याप्त नहीं है। इनके बंधन और दायरों में रहकर अगर हम मानव अधिकार पर विचार करेंगे तो हमारे देश की समस्याओं को समाप्त करने में शायद ही सफल हो पाएंगे। हमें इन मानकों के दायरे से ऊपर उठकर के नए दृष्टिकोण से अपने देश की समस्याओं को समझ कर उनका समाधान ढूंढना होगा। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार आयोग देश के नागरिकों के अधिकारों के प्रति सजग भी है। और उनका प्रहरी भी है। गृह मंत्री ने आयोग को अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थानों द्वारा 'ए' स्टेटस प्रदान किये जाने पर बधाई दी।

मानव अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में कानून के होने और सरकार के अपने दायित्व पर बात करते हुए शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने नागरिकों के मानव अधिकारों के सजग प्रहरी के रूप में कार्य कर रही है। और ऐसा प्रयास कर रही है कि मानव अधिकार कानून के उपयोग के बिना ही अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके। उनका मानना है कि कानून होना अच्छी बात है। परंतु जब सरकार स्वयं ही आगे बढ़कर मानव अधिकारों की रक्षा के लिए काम करें इससे उत्तम कुछ नहीं हो सकता। गृह मंत्री ने फिर एक बार सभी हित धारकों से मानव अधिकारों के प्रति एक "भारतीय दृष्टिकोण'" रखते हुए अधिकारों के उलंघन को उजागर करने और शोध के आधार पर मानव अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार का मार्गदर्शन करने की अपील की। अपने वक्तव्य को विराम देते हुए गृह मंत्री ने कहा की "आने वाले दिनों में मानव अधिकारों के एक नए दृष्टिकोण से हम भारत को विश्व पटल पर सर्वप्रथम देश के रूप में खड़ा करेंगे, जहां किसी प्रकार के मानव अधिकार के उल्लंघन की संभावना नहीं होगी। मोदी सरकार इस उद्देश्य के लिए कटिबद्ध है।

Friday, 11 October 2019

दिल्ली उपराज्यपाल, की पत्नी श्रीमती माला बैजल द्वारा मनाया गया बच्चों के साथ अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस,और हिमालयन ट्रेकिंग के लिए NDMC स्कूलों की 20 छात्राओं को हरी झंडी,

11 अक्टूबर 2019

सीनियर फोटोग्राफर एवं रिपोर्टर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा "साची सहेली" - NDMC कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में एक NGO द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में  दिल्ली उपराज्यपाल, की पत्नी श्रीमती माला बैजल द्वारा मनाया गया।  अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम थी “बेहतर कल के लिए बालिका का सशक्तीकरण”
श्रीमती माला बैजल, ने बताया कि सरकार ने छात्राओं के लिए भविष्य के लिए कुशल योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने शिक्षित युवाओं को बेहतर नौकरी के लिए कौशल विकास के लिए "युवा" योजना शुरू की है। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद 8,हजार से अधिक छात्रों ने इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और बेहतर रोजगार प्राप्त किया। एक लाख लड़कियों ने दिल्ली पुलिस के आत्मरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने छात्राओं से अपने बेहतर भविष्य के लिए इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और जीवन के प्रति आत्मविश्वास बनाने का आग्रह किया।
NDMC की सचिव डॉ.रश्मि सिंह ने घोषणा की कि इस अवसर पर पहली बार NDMC ने छात्राओं के लिए एक हिमालयी ट्रेकिंग कार्यक्रम धराली और गंगोत्री में भेजकर उन्हें सशक्त बनाने की पहल की है। उन्होंने बताया कि इन 20 छात्राओं को समाज के बारे में रूढ़िवादी सोच को तोड़ने के लिए हिमालय की पर्वत श्रृंखला में पांच दिनों के लिए एक अद्वितीय ट्रैकिंग अभियान का अनुभव प्राप्त होगा।
डॉ.रश्मि सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस को दुनिया भर में मनाया जाता है ताकि हमें उन बाधाओं के लिए याद दिलाया जा सके जो चुनौतियों से उबरने चाहिए।  उन्होंने कहा कि छात्राओं ने एक-दूसरे के लिए बेहतर, सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण माहौल बनाने के लिए एक-दूसरे का समर्थन किया है। और समाज में लड़कियों और महिलाओं की रूढ़िवादी भूमिका को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों का पूर्ण सशक्तिकरण न केवल परिवारों और समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है,बल्कि समाज के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

डॉ.सुरभि सिंह,"सखी सहेली" NGO की अध्यक्ष,ने NDMC स्कूलों के 400 छात्रों को इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न मुद्दों पर एक प्रस्तुति दी है। जिसमें लड़कियों के जीवन के विभिन्न मुद्दों का सामना करना पड़ता है और कहा जाता है कि प्रत्येक बालिका को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के बाद मुख्य अतिथि, श्रीमती माला बैजल और अतिथि श्रीमती सौन्या देव ने छात्राओं की टीम को इन पर्वतीय चढ़ाई अभियानों में शामिल करने के लिए रवाना किया। विशिष्ट अतिथि ने इस अनूठी पहल के लिए NDMC को पूरक बनाया।
इस अवसर पर, दिल्ली स्थित लोकप्रिय अस्मिता थियेटर ग्रुप ने अपने नाटक 'अजीविका' का प्रदर्शन किया और NDMC स्कूलों के छात्रों ने नृत्य, नाटक और नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम भी किया।

थाना साउथ रोहिणी के स्टाफ ने चोरी की स्कूटी और चाकू सहित अपराधी को धर दबोचा।

07 अगस्त 2022 नरेन्द्र कुमार नई दिल्ली:15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए दक्षिण रोहिणी क्षेत्र में सड़क अपराध को रोकने के लिए, एसीपी अर्जुन सिं...