Tuesday, 26 February 2019

दिल्ली पुलिस और मारुति सुजुकी ने रेड लाईट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम के लॉन्च के लिए हाथ मिलाया।

27 फरवरी 2018

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस और देश के प्रमुख यात्री वाहन निर्माता मारुति सुजुकी इण्डिया लिमिटेड ने आज साझेदारी में एक नई  पहल की शुरुआत की ‘‘रेड लाईट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम’ का उद्घाटन  दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल द्वारा किया गया। इस उद्घाटन के अवसर पर पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, आर सी भार्गव, चेयरमैन, मारुति सुजुकी और केनिची आयुकावा, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, मारुति सुजुकी के अधिकारी भी मौजूद थे।


इसकी परिकल्पना पिछले वर्ष दिल्ली के उपराज्यपाल  के साथ मारूति के चेयरमैन की बैठक में की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों और सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों को एक सुरक्षित ड्राइविंग का अनुभव प्रदान करना तथा सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन में सुधार लाकर सड़क दुर्घटनाओं एवं इनके कारण होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है। यातायात नियमों के उल्लंघन से लेकर ई-चालान जारी करने तक, यह सम्पूर्ण स्वचालित प्रणाली यातायात नियमों के पालन को सशक्त बनाएगी तथा पूरे सिस्टम में पारदर्शिता लाएगी। इससे जहां एक ओर पैदल यात्री की सुरक्षा पर जागरुकता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर यातायात के सुगम संचालन को भी बढ़ावा मिलेगा।


दिल्ली उपराज्यपाल अनिल बैजल, ने रेड लाईट वॉयलेशन डिटेक्शन एवं स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम की शुरूआत करते हुए शहर में सड़क सुरक्षा परिदृश्य को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली पुलिस एवं मारूति सुजुकी के संयुक्त प्रयासों की बहुत बहुत सराहना की। बैजल, ने कहा कि यह परियोजना तकनीक के बेहतर क्रियान्वयन एवं यातायात नियमों को पालन करने की संस्कृति को बढ़ाएगी। यह प्रणाली मोटरचालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाएगी और यातायात  को सुचारू रूप से चलाने और दुर्घटनाओं को कम करेगी।


आधुनिक तकनीक से युक्त यह स्वचालित प्रणाली वाहन चालकों में अनुशासन को प्रोत्साहित करेगी और यातायात नियमों के अनुपालन को बढ़ावा देगी। इस सिस्टम को धौला कुंआ और सराय काले खां के बीच 14 किलोमीटर के रिंग रोड कॉरीडोर में लगाया गया है। जो गहन यातायात वाले 9 जंक्शन्स को कवर करता है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली परियोजना है। जो सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप देश में सड़क दुर्घटनाओं एवं इनके कारण होने वाली मौतों की संख्या को कम करने में मदद करेगी। नया सिस्टम 3-डी राडार और 100 से अधिक हाई-रेज़ोल्यूशेन कैमरों से युक्त है। जिसके ज़रिए वाहनों तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर पूरी तरह निगरानी रखी जाती है। ये कैमरे यातायात नियमों के उल्लंघन को कैद कर लेते हैं -जैसे लाल बत्ती पार करना; गति सीमा का उल्लंघन, स्टॉप लाईन का उल्लंघन, गलत साईड पर वाहन चलाना या वाहन के पंजीकरण नंबर से संबधित उल्लंघन आदि।


सिस्टम उल्लंघन के आंकड़ों को स्वचालित रूप से एनक्रिप्ट कर नारायणा के नज़दीक टोडापुर में स्थित दिल्ली यातायात पुलिस मुख्यालय के केन्द्रीय सर्वर को भेज देता है। इसके बाद फोटो-प्रमाण के साथ ई-चलान बनाकर SMS/ईमेल/ पोस्ट के ज़रिए उल्लंघनकर्ता को भेजा जाता है। यह सिस्टम, प्रभाविता के मूल्यांकन के लिए डेटा एनालिटिक्स एवं ट्रेंड रिपोर्ट बनाने में भी सक्षम है। यह सिस्टम 24x7 काम करने में सक्षम है और खासतौर पर रात के समय सड़क उपयेगकर्ताओं के लिए बेहद फायदेमंद होगा।
मारुति सुजुकी ने इस सिस्टम की स्थापना के लिए 16 करोड़ का निवेश किया है। यह हाई-टेक सिस्टम दिल्ली पुलिस की निगरानी में रहेगा जबकि मारुति सुजुकी अपने इम्प्लीमेंटेशेन साझेदारों- डीआईएमटीएस और आबमेटिका- के सहयोग से दो सालों के लिए इसका रखरखाव करेगी।

संयुक्त राष्ट्र को आतंकवाद के खिलाफ एक्शन प्लान बनाना चाहिए : उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू

26 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली। "माइ होम इंडिया" के 13 साल पूरे होने पर विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति श्री वैकेंया नायडू उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के अवसर पर बोलते हुए।उपराष्ट्रपति ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को आतंकवाद के खिलाफ कोई एक्शन प्लान बनाना चाहिए कि आतंकवाद को कैसे खत्म किया जा सके और दुनिया में शांति की स्थापना की जा सके।  आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है। दुनिया को आगे बढ़ने के लिए शांति चाहिए, इसके बिना प्रगति नहीं हो सकती है।


नार्थ ईस्ट के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को समर्थन दे रहे हैं। उनको अपनी हरकतों से बाज आ जाना चाहिए। हम अपने पड़ोसी तो नहीं बदल सकते लेकिन उनका दिमाग बदलने की जरूरत है। "माइ होम इंडिया" के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू ने कहा कि देश की अखंडता के लिए ये माइ होम इंडिया जैसे संगठनों की जरूरत देश को है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुशमन है।


विज्ञान भवन में माय होम इंडिया के 13 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के सचिव और माइ होम इंडिया के संरक्षक सुनील देवधर ने कहा कि जब उत्तर पूर्व के लोगों को देश में परेशानी नहीं होगी, तभी देश की अखंडता बेहतर होगी। संगठन ने अपने 13 साल के सफर में उत्तर भारत के 2500 बच्चों को अपने परिवार से मिलाया है। साथ ही देश में विभिन्न हिस्सों में उत्तर पूर्व के लोगों को आने वाली परेशानियों को ये संगठन हल कर रहा है। गैर सरकारी संगठन लोगों के बीच में जाकर काम करती है और लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हैं।


13 साल पहले जब एक छोटी सी टीम के साथ उन्होंने ये संगठन शुरू किया तब उन्हें नहीं पता था कि ये इतना बेहतर काम करेगा। लेकिन आज इस संगठन के 65  शहरों में 1500 से ज्यादा वालियंटर काम कर रहे हैं। संगठन ने फिलहाल हेल्पलाइन के जरिए उत्तर पूर्व के रहने वालों को न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं दी हैं, बल्कि जो बच्चे अपने मां बाप से बिछड़ गए हैं। उन्हें मिलवाने का काम भी हम कर रहे हैं। अभी तक हमारे इस संगठन ने 20 हज़ार उत्तर पूर्व के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की है।


कार्यक्रम में अथिति के तौर पर शामिल स्पाइस जेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा कि उत्तर पूर्व के हिस्सों में पैदा होने वाले फल और सब्जियों को देश और दुनिया के दूसरे हिस्सों में पहुंचाने के लिए हमने गुवाहाटी से कार्गो फ्लाइट्स शुरू की थी। जोकि काफी सफल हुई हैं। जो फल यहां पैदा हो रहे हैं, उनकी मांग दुबई और सिंगापुर, हांगकांग में बहुत ज्य़ादा है। आगे भी वो नार्थ ईस्ट के उत्पादों को देश और दुनिया में भेजने के लिए नई फ्लाइट्स चलाने की योजना बना रहे हैं।

Sunday, 24 February 2019

"NFIR/URMU" के सानिंध्य में (लोको रनिंग स्टाफ) की नेशनल कॉन्फ्रेंस व संरक्षा सेमिनार कार्यक्रम आयोजन किया।

24 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: 22 फरवरी 2019 को नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन ( NFIR) एवं उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (URMU) के आव्हान पर "लोको रनिंग स्टाफ" की नेशनल कॉन्फ्रेंस व संरक्षा सेमिनार में मौजूद देश भर से जुटे लोको पायलट्स,शंटर्स ,सहायक लोको पायलट्स ,लोको निरीक्षकों के बीच पहुंचे।


माननीय  मुख्य अतिथि, रेलवे बोर्ड अध्यक्ष, विनोद कुमार यादव,जी तथा उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक टी.पी. सिंह,जी पी.सी.पी.ओ. महोदया, पी.सी.एस.ओ. व मंडल रेल प्रबंधक महोदय के साथ दिल्ली मंडल के विभिन्न अधिकारीगणो ने सीधा संवाद किया।


इस अवसर पर मंचासीन
पदाधिकारीगण (NFIR) के अध्यक्ष  गुमान सिंह, महामंत्री डॉ. एम.राघवैया जी, सहायक महामंत्री अशोक कुमार शर्मा , उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन अध्यक्ष सोमनाथ मालिक,जी (NFIR) जॉइंट सेकेट्री व (URMU) महामंत्री बी.सी. शर्मा,जी केन्द्रीय संगठन मंत्री सुभाष चन्द्र, कार्यकारी अध्यक्ष, प्रेम कुमार सोलंकी, D.K चावला, प्रवीन कुमार, हकलाक अहमद, मनोज कुमार, P.S सिसोदिया, दिल्ली मण्डल मंत्री, रमणीक शर्मा, अन्य सभी की उपस्थिति में देश भर से आये लोको रनिंग स्टाफ के सदस्यों द्वारा प्रारंभिक सत्र में उठाये मुद्दों पर संज्ञान लेते हुए।



(NFIR) के  जनरल सेक्रेटरी डॉ. एम राघवैया जी द्वारा अपने उदबोधन के माध्यम से "लोको रनिंग स्टाफ" के मुख्यतः निम्न ज्वलंत मुद्दों के तुरंत समाधान की मांग प्रमुखता से की गई।


मुख्य अतिथि रेलवे बोर्ड अध्यक्ष महोदय  विनोद कुमार यादव जी द्वारा कॉन्फ्रेंस में  उठाये सभी मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन देते हुए लोको रनिंग स्टाफ से ZERO SPAD व पूर्ण सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने का आव्हान किया।


इस अवसर रेलवे बोर्ड अध्यक्ष महोदय द्वारा सभी अधिकारीगण व पदाधिकारीगण के साथ नवनिर्मित, पी. एन. शर्मा मेमोरियल सभागार का *उदघाटन व स्मारिका का विमोचन* भी किया गया तथा PHD की उपाधि प्राप्त होने पर लोको पायलट विजयबाड़ा डॉ. वी.एस. रामचंद्र जी का शॉल पहना कर  अभिनंदन किया।


कार्यक्रम आयोजक उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन (URMU) के महामंत्री बी.सी.शर्मा, जी ने उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन दिल्ली मंडल के सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं रनिंग स्टाफ का भव्य व सफल आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया। व कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम कुमार सोलंकी,

Friday, 22 February 2019

भारतीय गैस उद्योग के विकास में मौके और चुनौतियां; डेविड कैरोल, प्रेसिडेंट, आईजीयू और सीईओ जीटीआई

23 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली : 22 फरवरी 2019 :- राष्ट्रीय राजधानी में एक दिन की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका विषय था, “भारत में प्राकृतिक गैस उद्योग : भारतीय गैस उद्योग में मौके और चुनौतियां”। यह आयोजन पीडीपीयू-जीटीआई भारतीय गैस उद्योग के साथ मिलकर किया गया। इसमें इस क्षेत्र के जाने-माने वक्ताओं ने उद्योग की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और उसपर प्रकाश डाला।


यह कार्यशाला 2017 में व्यक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इच्छा का परिणाम थी। उस समय उन्होंने कहा था कि भारत में प्राकृतिक गैस के विकास के लिए वे चाहेंगे कि गैस टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट, इलिनोइस और पंडित दीन दयाल उपाध्याय पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी (पीडीपीयू), गांधीनगर के बीच एक गठजोड़ की शुरुआत की जाए। इस सिलसिले में पीडीपीयू ने अप्रैल 2018 में एक ओपन हाउस का आयोजन किया था। इसमें चर्चा का विषय था, “इंडिया टुवार्ड्स गैस बेस्ड इकनोमी” (भारत गैस आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में)। इसमें डेविड कैरोल, प्रेसिडेंट, आईजीयू और सीईओ जीटीआई ने मौजूद लोगों को संबोधित किया था और भारत के प्राकृतिक गैस क्षेत्र के विकास के लिए अपने विचार तथा दृष्टिकोण साझा किए थे। इस कदम को आगे बढ़ाते हुए, पीडीपीयू और जीटीआई ने अब इस कार्यशाला का आयोजन किया है।


इंटरनेशनल गैस यूनियन (आईजीयू) के इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट और सीईओ डेविड कैरॉल ने “प्राकृतिक गैस विकास पर अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य" पर अपने विचार रखे। अपनी प्रस्तुति की शुरुआत उन्होंने 2017 के वर्ल्ड गैस कांफ्रेंस की द्रुत समीक्षा से की और बताया कि दुनिया के हर कोने में और मुख्य रूप से चीन में गैस की मांग काफी बढ़ गई है। यही नहीं, एशियाई स्पॉट बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने आगे कहा, “2018 के आंकड़े अभी आ रहे हैं पर यह स्पष्ट है कि एशियाई बाजार मांग बढ़ा रहे हैं। और एफएलएनजी प्रील्यूड ने अभी कुछ महीने पहले उत्पादन शुरू किया है तो आपूर्ति पक्ष अच्छा है और अमेरिकी सप्लाई भी बहुत बढ़ गई है। आईईए ने अनुमान लगाया है कि 2040 तक गैस की वार्षिक मांग में 1.6% की वृद्धि होगी। शहरीकरण और शहरी क्षेत्रों में खराब हवा का मामला आबादी के ज्यादातर हिस्से और इसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस के विकास को प्रभावित कर रहा है।”


गैस टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट में बिजनेस डेवलपमेंट एंड एजुकेशन के रॉड रिनहोल्म ने अमेरिका में गैस उद्योग के परिदृश्य साझा किए। उन्होंने अमेरिकी प्राकृतिक गैस आपूर्ति श्रृंखला का संक्षिप्त विवरण दिया जहां उन्होंने अमेरिका की स्थिति बदलने पर जोर दिया। इस समय अमेरिका गैस का आयात करता है और यह गैस का निर्यात करने वाला देश बन सकता है। और 2019 के अंत तक इसका लक्ष्य इसके निर्यात का दूना है। उन्होंने कहा, “अमेरिका निरंतर अपने गैस डोमेन में जा रहा है। यह मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बंटा हुआ है – आवासीय, व्यावसायिक और बिजली पैदा करने वाला औद्योगिक गैस।“


डॉ. अनिरबिड सिरकर, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ पेट्रोलियम टेक्नालॉजी, पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी ने विस्तार से मुख्य जानकारी और गैस उद्योग से जुड़े मुद्दे साझा किए जैसा वेब आधारित सर्वे तरीके में हाईलाइट किया गया है। इसे “सर्वे मंकी” कहा जाता है। इस रिपोर्ट में 12 भिन्न गैस कंपनियों के नजरिए पर रोशनी डाली गई। इनमें जीएसपीसी, ओएनजीसी, अडानी गैस जो दो परिप्रेक्ष्य पर आधारित है। इसके अलावा भारतीय गैस उद्योग के लिए मौके और भारतीय गैस उद्योग के विकास की चुनौतियों पर प्रकाश डाला गया। सिरकर ने कहा, “हम अपनी अर्तव्यवस्था को गैस पर आधारित बनाना चाहते हैं। हमारे पास एक महत्वाकांक्षी योजना है जो 6.5 प्रतिशत से 15 प्रतिशत की भारी वृद्धि के लिए है। गैस का उपयोग तकरीबन सभी क्षेत्र में होता है वह चाहे पवर हो या सीजीडी या उर्वरक। हालांकि, हमारे देश में जो अहम चुनौतियां हैं वह पूर्वी भारत में पर्याप्त गैस आपूर्ति की चुनौती है जबकि प्राकृतिक गैस की कीमत अभी भी एक चुनौती है।”

प्रोफेसर सुभाष शाह, निदेशक एसपीटी, पीडीपीयू ने कार्यशाला की शुरुआत इसके उद्देश्यों पर एक विचार के साथ की। उन्होंने कहा, "यह कार्यशाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृष्टि को सच करने में भूमिका निभाएगी। और देश में गैस की खपत मौजूदा 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग ढाई गुना, लगभग 2.5 गुना यानी 15 प्रतिशत करने की योजना पर काम चल रहा हैं।”

Wednesday, 20 February 2019

पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, इंडिया गेट लॉन में सड़क सुरक्षा पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों को प्रशस्ति पत्र एव स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

21 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: इंडिया गेट लॉन में सड़क सुरक्षा क्लब की पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सड़क सुरक्षा क्लब की पेंटिंग प्रतियोगिता और स्मरणोत्सव समारोह और दिल्ली पुलिस सप्ताह - 2018 के जश्न के रूप में आयोजित किया। सड़क सुरक्षा पेंटिंग अभियान में बच्चों को संबोधित करते हुए, पुलिस आयुक्त,अमूल्य पटनायक, ने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने और रोल मॉडल के रूप में कार्य करने का आह्वान किया ताकि अन्य सड़क उपयोगकर्ता भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। सड़क सुरक्षा अभियान के मौके पर Spl, Cp ताज हसन,/ यातायात ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।


यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। चित्रकला प्रतियोगिता में 40 स्कूलों के लगभग 1100 छात्रों ने भाग लिया। छात्रों को किसी भी सड़क सुरक्षा विषय पर आधारित पेंटिंग बनाने और उसी के लिए एक उपयुक्त नारा देने के लिए कहा गया था। जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के कला विभाग के संकाय सदस्यों ने चित्रों का मूल्यांकन किया गया।


इस अवसर पर स्कूल सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान 2018-19 के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के अंतिम दौर के विजेताओं को पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, ने भी सम्मानित किया। इस अभियान को सीपी दिल्ली द्वारा सितंबर 2018 में शुरू किया गया था और 2000 स्कूलों में व्याख्यान आयोजित किए गए थे और पेंटिंग, क्विज़, निबंध लेखन, अपशिष्ट सामग्री के साथ नवाचार और सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक स्कूल स्तर, जिला स्तर, रेंज में आयोजित किए गए थे। और प्रतियोगिताओं का अंतिम दौर आयोजित किया गया। विजेताओं के लिए पुरस्कार सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा प्रायोजित किया गया था।

पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक,  ने केरला, एजुकेशन सोसाइटी स्कूल आर.के. पुरम सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाने और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा आयोजित लगभग सभी गतिविधियों में भाग लेने के लिए। दर्शन एकेडमी स्कूल, कृपाल बाग आश्रम को प्रथम रनर अप स्कूल से सम्मानित किया गया। और प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम के मौके पर हितधारक और जूरी सदस्य जो हमेशा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के प्रयासों में भागीदारी और सहयोग और सहयोग प्रदान करते रहे हैं।उन्हें सड़क सुरक्षा के लिए उनके योगदान के लिए भी स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

Monday, 18 February 2019

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 फरवरी, 2019 को द्वारका, सेक्टर 16 में दिल्ली पुलिस के राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब, MHA के साइबर रोकथाम, जागरूकता और जांच केंद्र (CyPAD) का उद्घाटन किया।

19 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री ने 18 फरवरी 2019 को दिल्ली के द्वारका सेक्टर 16 में दिल्ली पुलिस की राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब की साइबर अपराध इकाई का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के अवसर पर  केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, ने कहा है कि साइबर अपराधों ने पारंपरिक पुलिसिंग को चुनौती दी है। अब दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब, (MHA) के साइबर प्रिवेंशन, अवेयरनेस एंड डिटेक्शन सेंटर (CyPAD) का आज यहां उद्घाटन करते हुए, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, ने कहा कि साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। और कहा अगर हमें जनता का विश्वास बनाना है। तो डिजिटल वर्ल्ड, फिर हमें साइबर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस रहना होगा।

गृह मंत्री ने कहा कि इंटरनेट और कंप्यूटर के इस युग में, साइबर अपराध का एक पहलू मौजूद है। चाहे वह साइबर धोखाधड़ी हो या धोखाधड़ी, महिला उत्पीड़न या आतंकी भर्ती जो दृढ़ता से संबोधित करने की आवश्यकता है। इंटरनेट एक ऐसा मंच है जो न केवल सोशल मीडिया के विकास का समर्थन करता है। बल्कि उद्योग में ऑनलाइन बैंकिंग, खरीदारी और दूरस्थ रूप से संचालित प्रणालियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमें साइबर स्पेस में चुनौतियों का समय पर आकलन करने और इसे आम आदमी के लिए सुरक्षित करने के लिए संस्थागत तंत्र विकसित करना है।


गृह मंत्री ने बताया कि सरकार ने साइबर क्राइम प्रिवेंशन ऑफ वीमेन एंड चिल्ड्रन (CCPWC) स्कीम जैसे कई उपाय किए हैं। जिसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक ऑनलाइन रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in और साइबर फॉरेंसिक ट्रेनिंग लैब स्थापित की गई हैं।


मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि साइबर अपराधों की चुनौती को दूर करने के लिए साइबर जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है। और इस संबंध में, MHA ने एक बहुत ही लोकप्रिय ट्विटर हैंडल @CyberDost शुरू किया है। और दिल्ली पुलिस ने भी सभी स्कूलों में जागरूकता फैलाने के लिए कई उपाय किए हैं। स्कूल के कंप्यूटर शिक्षकों के माध्यम से


गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस आवासीय ब्लॉक का भी उद्घाटन किया जिसमें 56 फ्लैट शामिल थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पिछले साल 312 आवास इकाइयों का निर्माण किया और 969 अन्य इकाइयां निर्माणाधीन हैं। और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह,ने साइबर जागरूकता के रूप में साइबर जागरूकता, जागरूकता के क्षेत्र में इस सराहनीय कार्य करने वाले 15 स्कूल के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।


दिल्ली के उपराज्यपाल, अनिल बैजल, ने अपने संबोधन के दौरान साइबर अपराध की जांच के लिए एक आधुनिक सुविधा स्थापित करने के लिए दिल्ली पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों के रूप में यह एक बहुत ही समय पर बड़ा कदम है। उनके बढ़ते खतरे के साथ, उन्हें बेहतर जांच, खोज और रोकथाम के माध्यम से मुकाबला करने के लिए एक समर्पित सेटअप की आवश्यकता है।

उद्धघाटन, के अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल, अनिल बैजल और दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, ने भी इस अवसर पर बात की। समारोह में MHA और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

Thursday, 7 February 2019

"सागर रत्ना" ने अपनी पहुंच का एक और विस्तार किया, सेक्टर-104, नोएडा में नया आउटलेट खोला।

8 फरवरी 2019

सीनियर फोटोग्राफर
नरेन्द्र कुमार


नई दिल्ली: जयराम बानन,ने अपनी लगन और मेहनत से 32 साल पहले दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी मार्केट, नई दिल्ली में अपने पहले दक्षिण भारतीय शाकाहारी रेस्त्रां–"सागर रत्ना" से एक मामूली शुरुआत की थी। आज, एक निर्विवाद डोसा किंग के रूप में उनका कद काफी ऊंचा है। देश भर के 12 राज्यों में अब इसके 90 आउटलेट हैं। जोकि एक बहुत ही सराहनीय कार्य है।


"सागर रत्ना" ने अब अपना विस्तार नोएडा में किया है। और सेक्टर 104 स्थित स्टार्लिंग मॉल में अपना नया आउटलेट खोला  है। सेक्टर 104 तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। और आस-पास में प्रीमियम आवासीय सोसाइटी तथा कॉरपोरेट कार्यालय हैं। नयास्टोर सीओसीओ मॉडल वाला है जहां 88 कवर हैं। और इसे बढ़ाकर 100 किया जा सकता है। नया खुला सागर रत्ना देखने में बिल्कुल नया और आधुनिक तथा समकालीन हैं। इसकी दीवारें बहुत खूबसूरती से रंगी हैं। और इन्हें कलाकृतियों व अन्य आकृतियों से सजाया गया है। यह रेस्त्रां किट्टी पार्टियों के लिए भी बहुत ही खूबसूरत लोकेशन से बनाया गया है।


खाने के शौकीनों के लिए सागर रत्ना कई तरह के शाकाहारी दक्षिण भारतीय व्यंजन सबसे हाईजेनिक स्थितियों में परोसता है। इनमें कई तरह के डोसा, वड़ा, उत्थपम, आदि शामिल हैं। इन्हें शुद्ध घी और तेल में पकाया जाता है। इसकी चटनी, सांभर और रसम में सही मात्रा सारी चीजें होती हैं ताकि हर किसी को पसंद आए। "सागर रत्ना" थाली मुंह में पानी लाने वाला कौम्बो है जिसमें भिन्न किस्म की सब्जियां होती हैं। और इसे अचार, मीठे दही तथा करारे पापड़ के साथ परोसा जाता है।


"सागर रत्ना" की विशेषता असली दक्षिण भारतीय शाकाहारी व्यंजन है। फिल्टर कॉली की अनूठी अलग खुश्बू इसकी एक और विशेषता है। यह ऐसा लगता है जैसे दक्षिण भारत के घरों में या फिर दक्षिण भारतीय लोगों के घर में आमतौर पर आता है। यही नहीं, इसे स्टेनलेस स्टील के डबरा में परोसा जाता है। जो इसे और असली बनाता है। वास्तविक फ्लेवर के साथ। और इसके साथ ही "सागर रत्ना" के सर्विस स्टाफ की सर्विस भी बहुत ही बढ़िया है।


असली दक्षिण भारतीय भोजन परोसने के साथ सागर रत्ना मुंह में पानी लाने वाले उत्तर भारतीय और चाइनिज डिश भी परोसे जाते हैं। इस समय यहां सर्दियों का स्पेशल मेन्यू चल रहा है। और इसमें सरसों का साग तथा मक्के की रोटी, व गाजर का हलवा और गर्म बादाम दूध शामिल है।

थाना साउथ रोहिणी के स्टाफ ने चोरी की स्कूटी और चाकू सहित अपराधी को धर दबोचा।

07 अगस्त 2022 नरेन्द्र कुमार नई दिल्ली:15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए दक्षिण रोहिणी क्षेत्र में सड़क अपराध को रोकने के लिए, एसीपी अर्जुन सिं...