Sunday, 4 July 2021

दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के वन महोत्सव अभियान में क्षेत्रीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी।

04 जुलाई, 2021

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पर्यावरण को बनाए रखने और  उन्नत करने के उद्देश्य से तथा नई दिल्ली क्षेत्र के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में, नई दिल्ली नगरपालिका  परिषद (NDMC) ने वन महोत्सव के अंतर्गत सघन वृक्षारोपण अभियान द्वारा एक सार्थक कदम उठाया है, जिसमें अब सक्रिय नागरिक भागीदारी भी हो रही है।
नई दिल्ली क्षेत्र के निवासियों की सक्रिय समर्पित भागीदारी  के साथ, पालिका परिषद  द्वारा शुरू किए गए सामूहिक वृक्षारोपण अभियान के दूसरे चरण में आज कुल 519 पेड़, 65710 झाड़ियाँ और 58500 हरित आवरण का पौधरोपण किया गया। आज वृक्षारोपण अभियान के दूसरे चरण में 50 से अधिक नई दिल्ली क्षेत्र की आवासीय कल्याण समितियों (RWA) के सैकड़ों सदस्यों ने अपने आवासीय कॉलोनियों और आसपास के क्षेत्र जैसे पार्क, उद्यान, सड़कों और गलियों के किनारे पौधे लगाए। इस अभियान का उद्देश्य एक यह भी है कि इस के अंतर्गत सभी लोगो की भागीदारी के साथ हितधारकों और सभी क्षेत्रों के सदस्यों को व्यवस्थित रूप से शामिल किया जा सके।
आज पालिका परिषद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर वन महोत्सव कार्यक्रम विभिन्न कॉलोनियों लोदी कॉलोनी, भारती नगर, लक्ष्मीबाई नगर, संजय झील, शांतिपथ - चाणक्यपुरी, साउथ एवेन्यू और एलबीजेड क्षेत्र के निवासियों, बच्चों, मॉर्निंग वॉकर्स की सक्रिय भागीदारी के साथ चलाया गया।
वन महोत्सव के इस सघन अभियान में चीकू(सपोटा), अमलतास, गुलमोहर, बॉटल ब्रश, कचनार, बॉटल पाम, अशोक, बॉटल ब्रश, एलस्टोनिया,अशोक, नीम,अर्जुन, मौलश्री, गुलमोहर, चंपा जैसे विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनमें निम्बू, जटरोफा, हिबिस्कस, हैमेलिया, चांदनी,जस्टिसिया, शेफलेरा, मुरैना, रात की रानी, बोगनविलिया, संसेविया, सिनगोनियम, ज़ेब्रिना, आईपोमिया, एनर्मी आदि भी शामिल रहें।
इस पौधरोपण अभियान के पहले चरण में गत शनिवार को नई दिल्ली क्षेत्र में 513 पेड़, 40000 झाड़ियां और 50000 हरित आवरण का पौधरोपण पूरा किया गया। पालिका परिषद  ने वर्ष 2021-22 के लिए कुल 3850 पेड़ और 5 लाख झाड़ियाँ लगाने का लक्ष्य रखा है, जो पूरे मानसून के मौसम में हासिल कर लिया जाएगा जबकि नई दिल्ली क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में वन महोत्सव के दौरान ही पालिका परिषद इनमें से कुल 1475 पेड़ और 99831 झाड़ियाँ पौधे लगा लेगी।

 नई दिल्ली क्षेत्र राजधानी होने के रूप में इस शहर का सबसे हरा भरा VIP क्षेत्र है और दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का सिर्फ 3 प्रतिशत है, लेकिन इसका 64.48 प्रतिशत हरा-भरा क्षेत्र है इसमें 6 प्रमुख उद्यानों और 3 अंतर्राष्ट्रीय संबंध स्मारक पार्कों के साथ 5 रोज गार्डन शामिल है।

नई दिल्ली क्षेत्र की हरियाली में इनके अतिरिक्त 270 किमी लंबाई के 135 मुख्यमार्ग/सड़कें , 8 नर्सरी, 3 हाई-टेक नर्सरी, 51गोल चौराहे ( राउंडअबाउट ), 3 हैप्पीनेस पार्क, 24 वर्टिकल गार्डन विभिन्न स्थानों पर, 123 आवासीय कॉलोनी पार्क, 501 सीपीडब्ल्यूडी कॉलोनी पार्क और एक एनडीएमसी स्कूल ऑफ गार्डनिंग भी है।

Saturday, 3 July 2021

दिल्ली के सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था अग्रवंश द्वारा डॉक्टर एवं सीए सम्मान समारोह आयोजित।

03 जुलाई 2022

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: समाजसेवी संस्था अग्रवंश जिसने अपने गठन के अल्प समय में ही सामाजिक कार्यों की बदौलत जन-जन के दिलों में अपनी विशेष पहचान बनाई है 01 जुलाई 2021 को डाक्टर एवं सीए डे के उपलक्ष में डॉक्टर एवं सीए का सम्मान समारोह विधानसभा परिसर में सम्मानित आयोजित किया गया|
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सीनियर जस्टिस वेद प्रकाश वैश्य उपस्थित रहे कार्यक्रम को सफल बनाने में अग्रवंश के चेयरमैन राजेश गुप्ता एमएलए, अनीता मुकीम गोयल अध्यक्ष, श्यामलाल गुप्ता महामंत्री, संजीव मित्तल कोषाध्यक्ष, देवीदयाल मित्तल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपप्रधान मनीष बंसल, राजकुमार सिंघल, सुनील सिंघल, महावीर गोयल,अमित जिंदल मंत्री, कानूनी सलाहकार प्रवींण गर्ग, कीर्ति गुप्ता, मयूर गुप्ता, सौरभ गुप्ता, अमित जिंदल, नवीन गर्ग, दीपिका जिंदल चंद्र भूषण गुप्ता, रेणुका गर्ग, अजय जैन, राधिका गोयल  सदस्यों की विशेष भूमिका रही| कार्यक्रम में संस्था के प्रेरणास्रोत श्री हरि अग्रवाल, ज्ञान अग्रवाल एवं मुख्य संरक्षक  नरेंद्र गुप्ता तथा संरक्षक गोपाल कृष्ण सिंगल, देवांग गुप्ता,विनोद गुप्ता, जय प्रकाश जिंदल, अमित बंसल ,सतीश कुमार जैन, नरेंद्र कुमार सिंघल, प्रेमचंद गुप्ता, विजय बंसल ,राजीव सातरोडिया ने पहुंचकर डॉक्टर एवं सीएस को सम्मान करने में संस्था का सहयोग किया।
कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिकों के बीच वरिष्ठ डॉक्टर एवं सीएस का सम्मान अतिथि द्वारा किया गया| इसी के साथ साथ कार्यक्रम में अग्रवंश के बारे में विस्तृत रूप से बताते हुए सभी प्रोफेशनल से संस्था से जुड़ने का आह्वान किया गया, कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ वक्ता श्री उपाध्याय द्वारा किया गया कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री हरि अग्रवाल एवं ज्ञान अग्रवाल द्वारा किया गया| स्वागत अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम में श्री प्रशांत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्रांड पार्टनर के रूप में चॉइस ग्रुप,रामरतन ग्रुप, इंसेक्टिसाइड इंडिया लिमिटेड एवं सतमोला ग्रुप साथ रहे। कार्यक्रम उपरांत रात्रि भोज का आयोजन संस्था द्वारा किया गया। संस्था के अध्यक्ष अनीता मुकीम गोयल ने मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि  का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपने कीमती समय में से समय निकालकर अग्रवंश को समय दिया|

संस्था के महामंत्री श्यामलाल गुप्ता ने समस्त डॉक्टर एवं सीए को डॉक्टर एवं सिए ड़े की बधाई देते हुए उनका आभार व्यक्त किया कि वह देश सेवा में निरंतर अपना योगदान प्रदान कर रहे हैं और अग्रवंश  परिवार को यह सौभाग्य मिला कि वे उनका सम्मान कर सकें|

श्रीराम कृष्ण सेवा संस्थान ने निगम बोध घाट श्मशान भूमि को शव वाहन भेंट किया।

03 जुलाई 2021

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की प्रबुद्ध समाजसेवी संस्था श्रीराम कृष्ण सेवा संस्थान (पंजी.) एवं ओमप्रकाश बागला चेरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में जमना बाजार स्थित निगम बोध घाट संचालन समिति को टैम्पो ट्रेवलर रुपी शव वाहन भेंट किया गया।
इस अवसर पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री जोगीराम जैन, श्री ओमप्रकाश बागला, निगम बोध घाट संचालन समिति के सुमन गुप्ता सहित बडी पंचायत वैश्य बीसे अग्रवाल समाज के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
इस अवसर पर श्री सुमन गुप्ता ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमणकाल के दौरान घाट के शव वाहनों और यहां के कर्मचारियों व अधिकारियों ने जिस अदम्य साहस के साथ काल का ग्रास बने मृतकों के ससम्मान दाह संस्कार में अग्रणी भूमिका निभाई है,उन सभी का हम धन्यवाद करते है।
श्री गुप्ता ने कहा कि ऐसे समय में संस्थान द्वारा घाट पर एक और शव वाहन को भेंट कर संस्था ने मानव जीवन की अंतिम यात्रा को सार्थक करने की पहल की है, इसके लिए समाज उनकी सराहना करता है।... विशाल मिश्रा (प्रेस सचिव)

नाबालिग बच्चे से करवाया जाता था आटे की चक्की पर काम, दिल्ली महिला आयोग ने करवाया रेस्क्यू*

03 जुलाई 2021

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: "दिल्ली महिला आयोग" ने दयालपुर इलाके से एक 12 वर्षीय बच्चे को बाल मज़दूरी से बचाया। बच्चे से दयालपुर इलाके में एक चक्की में काम करवाया जाता था। आयोग को एक अज्ञात शख्स द्वारा ईमेल के ज़रिए शिकायत मिली जिसमें बताया गया की बच्चे से 12 घंटे चक्की पर काम करवाया जाता था और बदले में उसे उसके काम के कोई पैसे भी नहीं मिलते थे।
दिल्ली महिला आयोग की टीम ने शिकायत की पुष्टि करवाने के लिए इलाके की मुनादी करवाई और पाया की बच्चा सुबह 9 बजे से ही चक्की पर काम करना शुरू करता है। आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल के नेतृत्व में आयोग के मेम्बर्ज़ और पुलिस को लेकर शनिवार सुबह चक्की पर पहुंची और टीम को आता देख ही चक्की के मालिक ने बच्चे को एक कमरे में टेबल के नीचे छुपा दिया।
स्वाति मलिवाल और उनकी टीम ने बच्चे को कमरे से निकाला और उसकी काउंसलिंग की बच्चा बहुत घबराया हुआ था और उसे चक्की के मालिक ने डराकर झूठ बोलने का दबाव बनाया था। उसने बताया कि वो चक्की पे काम करता है पर उसको पैसे नही मिलते। बच्चे के हाथ पूरी तरह आटे में डूबे हुए थे और वो सुबह से भूखा था। आयोग की टीम पुलिस के साथ मिलकर बच्चे को दयालपुर पुलिस स्टेशन लेकर गई और उसके स्टेटमेंट रिकॉर्ड  किए गए।
आयोग की अध्यक्षा स्वाति मलिवाल ने थाने के एसएचओ से भी मुलाकात की और एसएचओ से मामले में एफआईआर कर सख्त कार्यवाही करने को कहा। 

*दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, " कितना दुर्भाग्यपूर्ण है की खिलौनों से खेलने की उम्र में बच्चों से इस प्रकार की बाल मजदूरी करवाई जाती है। जब हम चक्की पर पहुंचे तो हमने देखा की बच्चे को एक कमरे में टेबल के नीचे छुपा दिया गया था और उसपर झूठ बोलने का दबाव बनाया गया था। बच्चा बहुत ही सहमा और घबराया हुए था। दिल्ली महिला आयोग की मुस्तैदी की वजह से आज इस बच्चे का भविष्य खराब होने से बचा। मुझे उम्मीद है पुलिस मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्यवाही करेगी।"*

*आधुनिक भारत का पहला आतंकवादी :-*

03 जुलाई 2021


नई दिल्ली: तारीख 23 दिसंबर 1926 दिल्ली के *चांदनी चौक* क्षेत्र में दोपहर के समय *स्वामी श्रद्धानंद* अपने घर में आराम कर रहे थे। वो बेहद बीमार थे। तब वहां पहुंचा एक व्यक्ति। नाम *अब्दुल रशीद*। उसने स्वामी जी से मिलने का समय मांगा। स्वामी जी ने समय दे दिया। वो उनके पास पहुंचा उन्हें प्रणाम किया और *देसी कट्टे से 4 गोलियां स्वामी जी के शरीर में आर-पार कर दीं*। स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती ने वहीं दम तोड़ दिया। इस तरह भारत के पहले आतंकवादी अब्दुल रशीद ने इस कांड को अंजाम दिया।
                (वरिष्ट पत्रकार डॉ.जसवीर आर्य,)

अब ओवैसी बंधुओं, मिस्टर कमल हासन और सेकुलर गैंग के जूतनीय सदस्यों को जानना होगा कि *इस महात्मा (गांधी) से भी पहले एक और महात्मा (स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती) की निर्मम हत्या हुई थी और इस राक्षसी कांड को अंजाम दिया था इस्लाम को मानने वाले अब्दुल रशीद ने*।

इस जघन्य कांड को जानने से पहले आपको ये जानना ज़रूरी है कि स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती थे कौन ?

कितना दुखद है कि आज इस महान व्यक्तिव का परिचय भी करवाना पड़ता है, क्योंकि हम तो अपने इतिहास और अपने अतीत से भागने लगे हैं.... खैर, *स्वामी श्रद्धानन्द 1920 के दौर में हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक गुरू थे... आर्य समाज के प्रमुख थे और उनकी लोकप्रियता के सामने उस दौर के शंकराचार्य भी उनके सामने कहीं नहीं ठहरते थे*... लेकिन वो केवल हिंदुओं के आराध्य ही नहीं थे, महान स्वतन्त्रता सेनानी भी थे... 

खैर... अब जानिए... भारत के पहले आतंकवादी मुस्लिम अब्दुल रशीद ने स्वामी श्रद्धानन्द की हत्या क्यों की थी ???

दरअसल *स्वामी श्रद्धानन्द ने हिंदू धर्म को इस तरह से जागृत कर दिया था कि पूरी दुनियां हिल गई थी... वो हिंदू धर्म की कुरुतियों को दूर कर रहे थे, नवजागरण फैला रहे थे... और उन्होने चलाया था "शुद्धि आंदोलन" जिसकी वजह से भारत के पहले आतंकवादी अब्दुल रशीद ने उनकी हत्या की*।

*शुद्धि आंदोलन* अर्थात् वो लोग जो किसी वजह से हिंदू धर्म छोड़ कर मुस्लिम या ईसाई बन गए हैं, उन्हे स्वामी श्रद्धानन्द वापस हिंदू धर्म में शामिल कर रहे थे... इसे आज की भाषा में घर वापसी कह सकते हैं... ये आंदोलन इतना आगे बढ़ चुका था कि धर्मांतरण करने वाले लोगों की चूलें हिल गईं... *स्वामी जी ने उस समय के यूनाइटेड प्रोविंस (आज के यूपी) में 18 हज़ार मुस्लिमों की हिंदू धर्म में वापसी करवाई... और ये सब कानून के मुताबिक हुआ... कुछ कट्टरपंथी मुसलमानों को लगा कि तब्लीग में तो धर्मांतरण एक मज़हबी कर्तव्य है लेकिन एक हिंदू संत ऐसा कैसे कर सकता है ??? तब कांग्रेस के नेता और बाद में देश के राष्ट्रपति बने डा० राजेंद्र प्रसाद ने अपनी किताब "इंडिया डिवाइडेट (पृष्ठ संख्या 117)" में स्वामी के पक्ष में लिखा कि "यदि मुसलमान अपने धर्म का प्रचार और प्रसार कर सकते हैं तो उन्हे कोई अधिकार नहीं है कि वो स्वामी श्रद्धानंद के गैर हिंदुओ को हिंदू बनाने के आंदोलन का विरोध करें"... लेकिन कुछ कट्टरपंथियों की नफरत इतनी बढ़ चुकी थी कि वो स्वामी जी की जान के प्यासे हो गए... नतीजा एक दिन भारत के पहले आतंकवादी मुसलमान अब्दुल रशीद से स्वामी श्रद्धानन्द की हत्या करवा दी गई*।

आज भी कमलेश तिवारी जी की हत्या कर दी जाती है, नरसिंघानन्द स्वामी के ऊपर सुपारी ली जा रही है.... कुछ भी बदला नही है।

अब आगे क्या हुआ...भारत के पहले आतंकवादी अब्दुल रशीद को जब हत्या के आरोप में फांसी सुना दी गई तो... कांग्रेस के नेता आसफ अली ने उसकी पैरवी की... 30 नवम्बर, 1927 के ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के अंक में छपा था कि *स्वामी श्रद्धानंद के हत्यारे अब्दुल रशीद की रूह को जन्नत में स्थान दिलाने के लिए देवबंद में दुआ मांगी गई कि "अल्लाह मरहूम (आतंकी अब्दुल रशीद) को अलाये-इल्ली-ईन (सातवें आसमान की चोटी पर) में स्थान दें।"*

आज भी कांग्रेस आतंकियों के केस लड़ रही है और सहाबुद्दीन जैसों की मजारें बनाई जा रही है ।

लेकिन सबसे चौंकाने वाली थी महात्मा गांधी की प्रतिक्रिया... *स्वामी जी की हत्या के 2 दिन बाद गांधी जी ने गुवाहाटी में कांग्रेस के अधिवेशन के शोक प्रस्ताव में कहा कि - "मैं अब्दुल रशीद को अपना भाई मानता हूं... मैं यहां तक कि उसे स्वामी श्रद्धानंद जी की हत्या का दोषी भी नहीं मानता हूं*... वास्तव में दोषी वे लोग हैं जिन्होंने एक दूसरे के खिलाफ घृणा की भावना पैदा की... हमें एक व्यक्ति के अपराध के कारण पूरे समुदाय को अपराधी नहीं मानना चाहिए... *मैं अब्दुल रशीद की ओर से वकालत करने की इच्छा रखता हूं"*

इसे कहते हैं दोगला हिन्दू.....।

यह लेख पूर्ण तथ्यों पर आधारित है। आज यह पोस्ट इसलिए, क्योंकि *कुछ लिजलिजे देशद्रोही लोग , हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए, अंट शंट बयानबाजी किये जा रहे हैं*। देश की जनता को सच जानना होगा । समझना होगा ।आज जब भारत का इतिहास सात तालों में कैद है, तो इसे खुलना ही चाहिए।🚩वंदे मातरम🚩

✍️ *राष्ट्र सेवक*🙏
*डॉ० जसबीर आर्य(Ph.D)*
♦️ *प्रधान संपादक,दिल्ली टाइम्स न्यूज़*
♦️ *चेयरमैन,नेशनल मीडिया फोर्स*
♦️ *चेयरमैन,क्राइम फ्री इंडिया ब्यूरो*
♦️ *डायरेक्टर,राष्ट्रीय सुरक्षा एवं गुप्तचर सेना*

*वेबसाइट:* *www.delhitimesnews.com*
*www.crimefreeindiabureau.com*
*www.nationalmediaforceindia.com*
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Friday, 2 July 2021

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट थाना हौज़ काज़ी के स्टाफ ने चोरी के वाहन के साथ लुटरे चोर को किया गिरफ्तार।

02 जुलाई 2021

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: अपराध के मामलों को लेकर सतर्क रहते हुए थाना हौज काजी की टीम ने एक सक्रिय स्नैचर, लुटेरे को चाकू सहित किया गिरफ्तार। घटना, 28 जून को एसआई धर्मवीर, हैडकांस्टेबल सुनील और कांस्टेबल कृष्ण थाना हौज काजी के क्षेत्र में अजमेरी गेट पर पिकेट ड्यूटी पर तैनात थे। दोपहर करीब तीन बजे के आसपास अजमेरी गेट की ओर से एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आते देखा गया। शक होने पर पिकेट स्टाफ ने उसे पकड़ा उसकी गहन तलाशी लेने पर उसके पास से एक बटन दार चाकू बरामद हुआ।
स्टाफ द्वारा पूछताछ करने पर उसकी पहचान जीशान उर्फ ​​दिशान, उम्र 23 वर्ष निवासी सिरकीवालान, हौज काजी, देहली के रूप में हुई। बीट बुक पर मोटरसाइकिल की जांच की गई और पता चला कि थाना बड़ा हिंदू राव से चोरी हुई पाई गई। एसआई धर्मवीर ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारी को सूचित किया और तदनुसार हथियार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच की गई।

थाना हौज काजी की एक टीम जिसमें एसआई धर्मवीर, एएसआई राजेश हैडकांस्टेबल सुनील कांस्टेबल अमित और कांस्टेबल कृष्णन, इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह SHO हौज काजी की देखरेख में टीम का गठन और एसीपी कुमार अभिषेक, कमला मार्केट की निगरानी में लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी ने चार मामलों में अपनी भागीदारी का खुलासा किया।

आरोपी के कब्जे से।
÷एक बटन दार चाकू।
÷तीन चोरी की स्कूटी/मोटरसाइकिल बरामद की गई।


आगे की जांच जारी है।

Thursday, 1 July 2021

पूर्व पुलिस आयुक्त SN श्रीवास्तव ने नवनियुक्त पुलिस आयुक्त, बालाजी श्रीवास्तव का पुलिस मुख्यालय में किया स्वागत।

01जुलाई 2021

नरेन्द्र कुमार,


नई दिल्ली: नवनियुक्त दिल्ली पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव ने 30 जून बुधवार को जय सिंह रोड़ न्यू पुलिस मुख्यालय में पदभार संभाला।पूर्व पुलिस कमिश्नर SN श्रीवास्तव ने नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए। पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण कराया और उनको गुलदस्ता देकर तहदिल से किया स्वागत।
SN श्रीवास्तव 30 जून बुधवार को रिटायरमेंट हुए। इससे पहले  बालाजी श्रीवास्तव दिल्ली पुलिस में सतर्कता शाखा के स्पेशल आयुक्त थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार को एक आदेश में बताया गया कि 1988 बैच के (AGMTU) कैडर के IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को पूर्णकालिक पुलिस प्रमुख मिलने तक अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। हालांकि इससे किसी भी तरह के प्रशासनिक फैसले लेने पर रोक नहीं रहेगी। वह खुलकर दिल्ली पुलिस की बेहतरी के लिए सभी तरह के फैसले ले सकेंगे।
1988 बैच के अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम, केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT)कैडर के IPS अधिकारी, बालाजी श्रीवास्तव ने मिजोरम और पुडुचेरी के महानिदेशक और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के प्रमुख के रूप में भी काम किया है।

थाना साउथ रोहिणी के स्टाफ ने चोरी की स्कूटी और चाकू सहित अपराधी को धर दबोचा।

07 अगस्त 2022 नरेन्द्र कुमार नई दिल्ली:15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए दक्षिण रोहिणी क्षेत्र में सड़क अपराध को रोकने के लिए, एसीपी अर्जुन सिं...